Sunday, June 27, 2010

लिनक्स में वायरस/मैलवेयर क्यों दुखी नहीं करते (2/3)

image (लिनक्स पर तीन लेखों की कड़ी में यह दूसरा लेख है)

विंडोज़ में इतनी फ़ाइलें व फ़ोल्डर होते हैं कि कई बार तो मुझे लगता है कि शायद इनका पता तो अब विंडोज़ बनाने वालों को भी नहीं होगा. विंडोज़ में कुछ सिस्टम फ़ोल्डर डिफ़ाल्ट रूप से छुपे रहते हैं जिन्हें हम हिडन (hidden) के नाम से जानते हैं. विंडोज़ इन्हें बहुत महत्वपूर्ण मानता है. इन्हें डिलीट करने से विंडोज़ काम करना बंद कर सकता है या क्रैश हो सकता है. आमतौर से वायरस बनाने वाले लोग भी अपने प्रोग्राम इसी तरह के हिडन फ़ोल्डर में इंस्टाल करते हैं. इनके नाम विंडोज़ फ़ोल्डरों से मिलते जुलते हो सकते हैं. कभी-कभी तो ये अपने प्रोग्राम विंडोज़ के हिडन फ़ोल्डरों में भी इंस्टाल कर देते हैं. इन दोनों ही दशाओं में वायरस/मैलवेयर को ढूंढ पाना बहुत मुश्किल होता है.

विंडोज़ की तुलना में, लिनक्स बहुत कम फ़ोल्डर प्रयोग करता है. और इसमें हिडन फ़ाइल/फ़ोल्डरों का भी रिवाज़ नहीं है इसलिए अगर लिनक्स में आपको कभी कहीं कोई हिडन फ़ाइल/फ़ोल्डर दिखाई दे तो आंख बंद कर उसे डिलीट कर सकते हैं, लिनक्स को खांसी-जुकाम की शिकायत भी नहीं होगी.




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विंडोज़ ने अपनी एकाधिकारात्मक प्रवृत्तियों के चलते अनगिनत दुश्मन बनाए हैं जो इसके हरेक गढ़ में सेंध लगाने के बस बहाने ही ढूंढते रहते हैं जबकि दूसरी ओर लिनक्स, हैक्सर्ज़ व वायरस बनाने वालों का पसंदीदा दुश्मन कभी नहीं रहा. बल्कि सच तो यह है ये लोग लिनक्स को आगे बढ़ाने में हमेशा तत्पर रहे हैं. विश्व के एक से बढ़कर एक साफ़्टवेयर बनाने वाले रचनात्मक मस्तिष्क अपने खाली समय में लिनक्स की प्रगति के लिए योगदान देते आए हैं. और तो और, लिनक्स के सभी संस्करण नियमित रूप से अपडेट देते रहते हैं जिन्हें प्रयोक्ता मुफ़्त ही डाउनलोड भी कर सकते हैं. लिनक्स, एकाधिकारवाद के विरूद्ध, आज एक आंदोलन का नाम है. ऐसा भी नहीं है कि लिनक्स एकदम ही नि:शंक है, इसमें भी कुछ-कुछ अपवाद हैं पर आप इन्हें अपवाद ही मान कर चलें.

 

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-काजल कुमार

1 comments:

Ratan Singh Shekhawat June 27, 2010 9:07 PM  

कुछ भी हो विन्डोज लिनक्स का मुकाबला नही कर सकता |
लिनक्स लिनक्स ही है इसमे भी उबून्टू प्रयोग मे आसान है |

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