Sunday, November 22, 2015

Paytm (पे टी एम) के बारे में जानि‍ए.

Paytm एक भारतीय कंपनी की वैबसाइट का नाम है. और Paytm इसकी एप्‍प का नाम भी है. यह मोबाइल एप्‍प  विंडोज़, एप्‍पल और एंड्रॉयड के लि‍ए उपलब्‍ध है  जि‍से कोई भी अपने  मोबाइल पर डाउनलोड कर सकता है. इस कंपनी में रतन टाटा की भी हि‍स्‍सेदारी है. कंपनी के अनुसार इसके ढाई करोड़ से अधि‍क उपभोक्‍ता हैं. इस एप्‍प का पूरा नाम 'Pay through mobile' है. इसके वि‍ज्ञापन की टैग लाइन है 'पेटीएम कि‍या क्‍या ?' :)

 



 इसके और स्‍क्रीनशॉट इस लिंक पर भी उपलब्‍ध हैं  

इस एप्‍प की तो जो 3 बातें मुझे सबसे अच्‍छी लगीं वे हैं कि‍ (1) आपका मोबाइल, आपका पर्स बन जाता है (2) आप इससे जो भी भुगतान करते हैं उस पर आमतौर से कैशबैक के नाम से डि‍स्‍काउंट पाते हैं, और (3) इसमें आप उतना ही पैसा रखि‍ए जि‍तना आप चाहते हैं. इसलि‍ए, यदि‍ आपका मोबाइल खो भी जाए तो यह डेबि‍टकार्ड/ क्रेडि‍टकार्ड खोने जैसा नहीं होता. 
  
Paytm की अपनी ऑनलाइन शॉपिंग साइट तो है ही, जहां से आप ख़रीददारी कर सकते हैं. ऑनलाइन ख़रीददारी के अति‍रि‍क्‍त मोबाइल, डीटीएच, डेटा कार्ड, लैंडलाइन, बिजली, गैस, शिक्षा, वित्तीय सेवाएं, मेट्रो, बस का टिकट, थीम पार्क इत्‍यादी का भुगतान/ रि‍चार्ज का भुगतान इसी मोबाइल एप्‍प से कर सकते हैं. अधि‍कांश मोबाइल सेवा प्रदाता और, बहुत सी अन्‍य ऑनलाइन शॉपिंग साइट का भुगतान Paytm से कि‍या जा सकता है. यह एप्‍प वास्‍तव में ही बहुत आसान है और अच्‍छी स्‍पीड से काम करता है बस आपको मोबाइल पर नैट की आवश्‍यकता होती है. कंपनी का कहना है कि‍ इनके ढाई करोड़ से अधि‍क उपभोक्‍ता हैं.
इस एप्प का एक फ़ीचर है 'वॉलेट' जि‍समें आपका वह पैसा दि‍खाई देता है जो आप अपने डेबि‍टकार्ड/ क्रेडि‍टकार्ड/ नैटबैंकिंग से इसमें ट्रांसफ़र करते हैं. इस एप्‍प में भी लॉग-इन/ लॉग आउट की सुवि‍धा है. यह कुछ-कुछ वर्चुअल क्रेडि‍ट कार्ड जैसा है किंतु इसका पूर्ण नि‍यंत्रण आपके अपने हाथ में ही रहता है. पैसा, वॉलेट में ट्रांसफ़र करने के बाद आप यदि‍ मोबाइल बैलेंस रि‍चार्ज करना चाहते हैं तो सबसे पहले 'Paytm cashback coupon MTNL' जैसा कुछ लि‍ख कर गूगल कीजि‍ए. आपको ति‍थि‍वि‍शेष के लि‍ए या, पूरे महीने के लि‍ए या, कि‍सी नि‍यत ति‍थि‍ तक वैध कई नंबर मि‍लेंगे जो अलग-अलग तरह की कैशबैक दर बताते हैं. अपनी सुवि‍धानुसार वह नंबर नोट कर लीजि‍ए.

इसके बाद आपको एप्‍प में रि‍चार्ज कि‍या जाने वाला मोबाइल नंबर  भरना है जो आपके कॉटेक्‍ट लि‍स्‍ट से भी क्‍लि‍क कि‍या जा सकता है. उसके बाद, यह अपने आप बताता है कि‍ मोबाइल नंबर कि‍स कंपनी का है और फि‍र नीचे वि‍कल्‍प देता है कि‍ कौन-कौन सी रि‍चार्ज स्‍कीम उपलब्‍ध हैं. आप उनमें से क्‍लि‍क करके चुन सकते हैं. उसके बाद कैशबैक कूपन का नंबर भर कर क्‍लि‍क कर दें. आपका मोबाइल रि‍चार्ज हो जाएगा और आपके 'वॉलेट' से कैशबैक घटा कर, शेष राशि‍ डेबि‍ट हो जाएगी. हालांकि‍ यह कहता है पहले पूरी राशि‍ काटेंगे और कैशबैक बाद में जमा करेंगे, पर आमतौर से यह हाथोहाथ ही हो जाता है.

इसका फ़ायदा यह है कि‍ आपको, कि‍सी को कहने की ज़रूरत नहीं कि‍ भई जरा रिचार्ज कर दो या करवा दो, और ये भी कि‍ पैसे बाद में भि‍जवा देंगे. आपको स्‍कीम भी पूछने की ज़रूरत नहीं कि‍ कौन सी सबसे अधि‍क लाभकारी स्‍कीम मि‍ल रही है. आप इससे चौबीसों घंटे, कि‍सी भी समय रि‍चार्ज कर सकते हैं. सबसे बढ़ि‍या बात यह कि‍ यदि‍ आप अपने घर से कहीं दूर हैं तो आप वहां से भी रि‍चार्ज कर सकते हैं और यदि‍ आप कि‍सी और का फ़ोन (दूसरे शहर में भी) रि‍चार्ज करना चाहते हैं तो, आप वह भी कर सकते हैं.

कई तरह के, दूसरे बि‍लों का भुगतान करना भी आमतौर से मुश्‍कि‍ल काम होता है. बि‍ल भुगतान की जगह पहुंचना और लाइनों में लगना पड़ता है. लेकि‍न इस एप्‍प से, मोबाइल से भुगतान कीजि‍ए और कैशबैक भी पाइए. मुझे यह एप्‍प, एक अच्‍छी सुवि‍धा लगी.

जि‍स कि‍सी के पास भी यह एप्‍प है तो आप उसे भी इसी से भुगतान कर सकते हैं, चाहे वह दुकान वाला हो या ऑटोवाला.
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Saturday, January 17, 2015

क्या आप मोबाइल में अभी भी कीबोर्ड से ही लि‍ख रहे हैं ?

एंड्रॉयड आधारि‍त कि‍सी भी स्‍मार्टफ़ोन और टैबलेट में कीबोर्ड से लि‍खने की आवश्‍यकता अब लगभग समाप्‍त ही हो चली है. अब लि‍खने के बजाय आप बोल कर सीधे ही टाइप कर सकते हैं या फि‍र स्क्रीन पर अंगुली से भी लि‍ख सकते हैं. यदि‍ स्‍क्रीन छोटा है और अंगुली से लि‍खने में असुवि‍धा  होती है तो आप स्‍टाइलस का प्रयोग भी कर सकते हैं. स्‍टाइलस, कई ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्‍ध हैं और बहुत सस्‍ते हैं लेकि‍न इन्‍हें रखना-संभालना भी अपने आप में ही एक काम है इसलि‍ए बेहतर है कि‍ आप अंगुली से ही लि‍खने का कुछ अभ्‍यास कर लें. ये सुवि‍धाएं हिंदी,  अंग्रेज़ी व अन्‍य कई भाषाओं के लि‍ए मुफ़्त उपलब्‍ध हैं.

हिंदी में लि‍खना

इसके लि‍ए आप ‘GoogleHindi Input’ (गूगल हिंदी इनपुट) का मुफ़्त संस्‍करण, ‘गूगल प्‍ले स्‍टोरसे डाउनलोड कर सकते हैं. इसमें आपको हिंदी और अंग्रेज़ी के कीबोर्ड तो मि‍लेंगे ही, हस्तलि‍पि‍ को अक्षरों में बदलने वाला वि‍कल्‍प भी मि‍लेगा. नि‍म्‍न चि‍त्र में दर्शाए गए स्‍क्रीन के अनुसार आप जो शब्‍द अंगुली से लि‍खेंगे वे स्‍वत: टंकि‍त शब्‍दों में परि‍वर्ति‍त होते चले जाएंगे. इसमें आपको वर्ड प्रैडि‍क्‍शन की भी सुवि‍धा मि‍लती है. आपको दो बातें वि‍शेषत: ध्‍यान रखनी होंगी, कि‍ कि‍सी भी शब्‍द के ऊपर खींची जाने वाले रेखा आप पहले खींच लें, फि‍र उसके नीचे लि‍खें. या फि‍र, शब्‍दों के  ऊपर वाली रेखा का प्रयोग न करें. ऐसा करने से सि‍स्‍टम, इन शब्‍दों को आसानी से पढ़ लेता है. बाद में रेखा लगाने से, सि‍स्‍टम को सही शब्‍द टाइप करने में कुछ कठि‍नाई होती है.
 
 अंग्रेज़ी में लि‍खना

इसी प्रकार, अंग्रेज़ी में लि‍खने के लि‍ए ‘MyScript Stylus’ (माइस्‍क्रि‍प्‍ट स्‍टाइलस) का मुफ़्त संस्‍करण, ‘गूगल प्‍ले स्‍टोर’ से डाउनलोड कर सकते हैं. यह बीटा संस्‍करण है संतोषजनक काम कर रहा है. बहुत लंबे-लंबे वाक्‍य लि‍खने पर यद्यपि‍ यह कुछ धीमा हो सकता है.


बोल कर टाइप करना
एंड्रायड की गूगल आधारि‍त एक सुवि‍धा यह भी है कि‍ आप अंग्रेज़ी के अति‍रि‍क्‍त  हिंदी व अन्‍य भाषाओं में भी बोल कर टाइप कर सकते हैं. इसकी सीमा अभी यह है कि‍ आपको ऑनलाइन होना आवश्‍यक है. फोन/टैबलेट में यह सुवि‍धा नि‍म्‍न क्रम से प्रारम्‍भ की जा सकती है:-  सि‍स्‍टम सेटिंग्स > लेंगुएज एंड इनपुट >  गूगल वॉयस टाइपिंग. इसके बाद आप ‘गूगल वॉयस टाइपिंग’ के सैटिंग्‍स बटन को दबाएं तो नया मीनू आएगा. जि‍समें सबसे ऊपर ‘भाषा’ (Language) के अंतर्गत, हिंदी या अंग्रेज़ी लि‍खा होगा. आप इससे अपनी सुवि‍धानुसार भषा चुन  सकते हैं. आवश्‍यकतानुसार अन्‍य भाषा आप यहीं से जोड़ सकते हैं. बेहतर यह होगा कि‍ आप इस जगह एक ही भाषा का वि‍कल्‍प चुनें. एक से अधि‍क भाषा रखने पर सि‍स्‍टम कभी-कभी ठीक से कार्य नहीं करता है. इससे आप फ़ेसबुक, डाक्‍यूमेंट इत्‍यादि‍ में कहीं भी, बोल कर टाइप कर सकते हैं.   
आप कि‍सी भी कीबोर्ड पर बने माइक के नि‍शान को दबाकर वॉयस टाइपिंग शुरू कर सकते हैं. और ग़लति‍यों को कीबोर्ड की मदद से ठीक कर सकते हैं. नीचे के चि‍त्र में Swiftkey(स्‍वि‍फ्टकी) दर्शाया गया है. यह भी ‘गूगल प्‍ले स्‍टोर’ पर मुफ़्त उपलब्ध है.


इसके अति‍रि‍क्‍त, आप कीबोर्ड पर अंगुली उठाए बि‍ना भी शब्‍द लि‍ख सकते हैं, बस आपको व्‍यंजनों पर अपनी अंगुली बि‍ना उठाए चलानी होगी, जैसा कि‍ दाहि‍नी ओर के चि‍त्र में दि‍खाया गया है. हिंदी में यह सुवि‍धा स्‍वि‍फ़्टकी में, एवं अंग्रेज़ी में यह सुवि‍धा स्‍वि‍फ़्टकी के अति‍रि‍क्‍त गूगल कीबोर्ड में भी उपलब्‍ध है.
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Saturday, March 15, 2014

आइए, एक उपयोगी एप्‍प के बारे में जानें


यदि‍ आप सैर करने जाते हैं, दौड़ लगाते हैं, साइकलिंग करते हैं, तैराकी करते हैं या इसी प्रकार की अन्‍य गति‍वि‍धि‍यों में भाग लेते हैं तो आइए आज अापका परि‍चय एक महत्‍वपूर्ण एप्‍प से करवाया जाए. इसका नाम 'रन्‍टास्‍टि‍क' है जो अंग्रेज़ी के शब्‍द रन और फ़ैंटास्‍टि‍क को जोड़ कर बना है.

यह एप्‍प, आइफ़ोन, एंड्रॉयड, ब्लैकबेरी और विंडोज फोन के लि‍ए उपलब्‍ध है. इसी प्रकार की और भी कई एप्‍प हैं लेकि‍न यह इसलि‍ए पसंद आई क्‍योंकि‍ यह सिंपल है, शुरू होने में ज्‍यदा समय नहीं लेती और आपसे बहुत सारे सवाल नहीं पूछती. 

जब यह एप्‍प चल रही होती है तो यह आपको बताती है कि‍ आपने कि‍तने समय में कि‍तनी दूरी तय की और कि‍तनी कैलोरी जलाईं. बस शर्त यह है कि‍ आपको मोबाइल का जीपीएस सि‍स्‍टम और डेटा कनेक्‍शन ऑन रखने होंगे. वैसे, इससे  कोई बहुत ज्यादा खर्चा नहीं होता है. जब यह एप्‍प कार्य कर रही होती है तो वाकायदा गूगल मैप की तरह एक नक्‍शे पर यह आपकी स्थि‍ति‍ भी दर्शाती है. बीच बीच में आवाज़ से आपको तय की गई दूरी व अन्‍य जानकारी भी देती है. आंकड़े, मोबाइल पर सेव कि‍ए जा सकते हैं ताकि‍ आगे चल कर आप अपनी प्रगति‍ के बारे में जान सकें. 

ऑन करने के बाद आप मोबाइल को जेब में डाल कर भी घूम सकते हैं और चाहें तो हैडफ़ोन/इअरप्‍लग लगा कर साथ-साथ संगीत का आनंद भी ले सकते हैं जि‍से आप अपने मोबाइल से चुन सकते हैं. एंड्रॉयड चालि‍त फ़ोन पर इसे गूगल प्‍लेस्‍टोर से डाउनलोड कि‍या जा सकता है.  यह ऑफ़ीशि‍यल साइट है https://www.runtastic.com/ 
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Monday, March 10, 2014

हिंदी ईबुक रीडर के बारे में जानि‍ए.



हिंदी ईपब का फ़ोन स्‍नैप

आपने ईबुक रीडर का नाम अवश्‍य सुना होगा. ‘ईबुक’ का अर्थ है इलेक्‍ट्रॉनि‍क बुक यानि‍ वह पुस्‍तक जो इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण पर पढ़ी जा सके. इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों की श्रेणी में स्‍मार्टफ़ोन, टैबलेट इत्‍यादि‍ आते हैं. इनके अति‍रि‍क्‍त इस उद्देश्‍य के लि‍ए ‘ईबुक रीडर’ अलग से आते हैं जो कई कंपनि‍यां बनाती हैं जि‍नमें किंडल सर्वाधि‍क प्रचलि‍त है. इसके अति‍रि‍क्‍त कोबो, सोनी, स्‍टैन्‍ज़ा इत्‍यादि‍ के भी ईबुक रीडर बाज़ार में उपलब्‍ध हैं.
इन इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों पर पढ़ी जाने वाली पुस्‍तकों के कई फ़ार्मेट बाज़ार में प्रचलि‍त हैं जैसे:- .mobi  किंडल के लि‍ए, .rtf, .epub और .pdf अधि‍कांश इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों, स्‍मार्टफ़ोन, टैबलेट आदि‍ के लि‍ए, .lrf सोनी रीडर के लि‍ए, . pbd पामरीडिंग उपकरणों के लि‍ए, .txt फ़ार्मेट को भी अधि‍कांश उपकरण पढ़ सकते हैं एवं इसे वैबपेज की तरह ब्राउजर में भी पढ़ा जा सकता है. किंतु ‘ईपब’ फ़ार्मेट अधि‍कांश इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों, स्‍मार्टफ़ोन, टैबलेट इत्‍यादि‍ में पढ़े जाने के कारण सर्वाधि‍क लोकप्रि‍य होता जा रहा है.

हिंदी में, ईबुक रीडर के नाम पर भ्रांति‍ सी दि‍खाई देती है क्‍योंकि‍ हिंदी की सामग्री अभी पीडीएफ़ जैसे फ़ार्मेट में ही उपलब्‍ध है. जि‍से पाठक वास्‍तव में एक चि‍त्ररूप में ही अपने इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों/स्‍मार्टफ़ोन पर पढ़ पाते हैं. जबकि‍ ये इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों/स्‍मार्टफ़ोन अंग्रेज़ी व अन्‍य वि‍देशी भाषाओं के शब्‍दों को शब्‍दरूप में दि‍खाते हैं. अति‍रि‍क्‍त इसके, यूनि‍कोड में लि‍खे एम.एस. वर्ड जैसे फ़ार्मेट भी प्रचलि‍त हैं.
‘किंडल’ और ‘किंडल फ़ायर’ दो प्रचलि‍त ईबुक उपकरण हैं. ‘किंडल’, ई-इंक (E Ink) आधारि‍त उपकरण है जबकि‍ अमेज़न कंपनी का ‘किंडल फ़ायर’ आम एल.सी.डी. टैबलेट जैसा उपरण है. किंडल मुख्‍यत: पुस्‍तकें पढ़ने के लि‍ए बनाया बनाया गया है इसलि‍ए इसमें संगीत, वीडि‍यो, कैमरा, ईमेल आदि‍ की सुवि‍धा नही है जबकि‍ ‘किंडल फ़ायर’ में ये सभी सुवि‍धाएं भी है.
इन इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों पर पढ़ी जा सकने वाली सामग्री वि‍भि‍‍न्‍न फ़ार्मेट में लि‍खी जाती है जि‍नमें ईपब (.epub) आज सर्वाधि‍क प्रचलि‍त फ़ार्मेट है. इसका वि‍कास अंतर्राष्ट्रीय डिजिटल प्रकाशन फ़ोरम (http://idpf.org/) ने कि‍या है. यह एक ओपन फ़ार्मेट है, जबकि‍ कई दूसरे फ़ार्मेट कंपनि‍यों के ट्रेडमार्क युक्त फ़ार्मेट हैं एवं अन्‍य सभी कंपनि‍यों के इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरणों पर कार्य भी नहीं करते हैं. ‘ईपब’ का मतलब है ‘इलेक्‍ट्रॉनि‍क पब्‍लि‍केशन’. 2007 से,  यह अपने पूर्ववर्ती फ़ार्मेटों की जगह लाया गया था.
इस फ़र्मेट की वि‍शेषताएं यह हैं कि‍ इसमें लि‍खी गई सामग्री स्‍क्रीन साइज़ के हि‍साब से स्‍वव्‍यवस्‍थि‍त हो जाती है यानि‍ फ़ॉट का साइज़ बढ़ाया जाए तो शब्‍द, सक्रीन के साइड में न छुप कर अपने आप नि‍चली लाइनों में व्‍यवस्‍थि‍त हो जाते हैं, इसी प्रकार फ़ॉंट का साइज़ घटाने पर इसके उलट प्रकि‍या होती है. इस फ़ार्मेट में चि‍त्र भी व्‍यवस्‍थि‍त कि‍ए जा सकते हैं. इस फ़ार्मेट में फ़ॉंट का साइज़ तो बढ़ाया-घटाया जा ही सकता है, फ़ॉंट और बैकग्राउन्ड का रंग भी अपनी पसंद/सुवि‍धानुसार बदला जा सकता है, यद्यपि‍ यह सुवि‍धा इस फ़ार्मेट को चलाने वाले सॉफ़्टवेयर में होती है न कि‍ फ़ार्मेट में, यह फ़ार्मेट इस प्रकि‍या के लि‍ए सक्षम होता है. इसके अति‍रि‍क्‍त इसमें ऑडि‍यो-वीडि‍यो की भी सुवि‍धा रहती है. अंग्रेज़ी में लि‍खी गई सामग्री को तो पढ़ने के बजाय सुना भी जा सकता है. हिंदी पाठ्यसामग्री को अभी हिंदी में सुनने की यह सुवि‍धा उपलब्‍ध नहीं है
यद्यपि‍ यूनि‍कोड आधारि‍त फ़ॉंट में लि‍खे गए .doc / .docx दस्‍तावेज इन फ़ार्मेट को सर्पोट करने वाले सॉफ़्टवेयर में पढ़े जा सकते हैं पर इनमें वे सभी उपरोक्‍त सुवि‍धाएं नहीं होतीं जो ईपब फ़ार्मेट में उपलब्‍ध हैं.
Calibre Software

आप फ़ाइलों को हिंदी ईपब फ़ॉर्मेट में ‘कैलि‍बर’ सॉफ़्टवेयर द्वारा कन्‍वर्ट कर सकते हैं. अभी यूनि‍कोड में लि‍खे गए केवल .docx डॉक्‍यूमेंट्स को ही हिंदी ईपब फ़ॉर्मेट में कन्‍वर्ट कि‍या जा सकता है. जबकि‍ पीडीएफ़ को ईपब में कन्‍वर्ट करने से अभी आशानुरूप परि‍णम नहीं मि‍लते हैं, आशा की जानी चाहि‍ए कि‍ भवि‍ष्‍य में यह भी सफलतापूर्वक कि‍या जा सकेगा. फ़ार्मेट बदलने के लि‍ए प्रयोग कि‍या जाने वाला ‘कैलि‍बर’ सॉफ़्टवेयर आज सर्वाधि‍क प्रचलि‍त सॉफ़टवेयर है और यह मुफ़्त व ओपन सोर्स सॉफ़्टवेयर है. इसे आप यहां http://calibre-ebook.com/ से डाउनलोड कर सकते हैं. गर्व की बात है कि‍ यह सॉफ़्टवेयर एक भारतीय द्वारा बनाया गया है. यदि आपका इलेक्‍ट्रॉनि‍क उपकरण/ स्‍मार्टफ़ोन, एंड्रॉयड आधारि‍त और हिंदी स्‍मर्थि‍त है तो हिंदी फ़ाइलों को ईपब फ़ार्मेट  में बदल लेने के बाद आप उन्‍हें FBReader या Moon+ Reader सॉफ़्टवेयर में पढ़ सकते हैं. ये दोनों सॉफ़्टवेयर गूगल प्‍ले स्‍टोर पर मुफ़्त उपल्‍ब्‍ध हैं. एफबीरीडर एंड्रॉयड के अलावा विंडोज़, मैक, लीनक्‍स इत्‍यादी दूसरे ऑपरेटिंग सि‍स्‍टम पर भी काम करता है. एफबीरीडर में यदि‍ कहीं-कहीं कुछ शब्‍द आपस में जुड़े दि‍खाई दें तो सैटिंग्स में जाकर उन्‍हें ठीक कि‍या जा सकता है. एफबीरीडर की तुलना में मूनप्‍लसरीडर सॉफ़्टवेयर अवश्‍य कुछ धीमा है. हिंदी में ईपब अभी अपने शैशवकाल में है, इस दि‍शा में बहुत काम कि‍ए जाने की आवश्यकता है. मैंने अभी तक कि‍सी प्रकाशक को हिंदी की पुस्‍तकें ईपब  फ़ार्मेट में उपलब्‍ध कराते नहीं पाया है. यद्यपि‍ हिंदी पुस्तकें .doc / .docx फ़ार्मेट में उपल्‍बध होने लगी हैं. लेकि‍न, यदि‍ आप हिंदी प्रेमी हैं और हिंदी की पुस्‍तकें अपने हि‍साब से पढ़ना चाहते हैं तो अब आप उन्‍हें  उपरोक्‍त वि‍धि‍ से कन्‍वर्ट कर अपने साथ कहीं भी ले जा सकते हैं और अपनी सुवि‍धानुसार पढ़ सकते हैं.
Moon+ Reader
FBReader

हिंदी प्रकाशकों को भी इस दि‍शा में बड़ी पहल करने की आवश्‍यकता है कि‍ वे पारंपरि‍क रूप से केवल काग़ज़ पर ही छापने के बजाय इलेक्‍ट्रॉनि‍क फ़ार्मेट में भी पुस्‍तकें उपलब्‍ध करवाना शुरू करें इससे पुस्‍तकों की क़ीमत में भारी कमी की जा सकती है और पुस्‍तकों के बाज़ार का भी बहुत वि‍स्‍तार कि‍या जा सकता है. आज अमेज़न जैसी कई बड़ी कंपनि‍यां प्रत्‍येक पुस्‍तक को इलेक्‍ट्रॉनि‍क फ़ार्मेट में तो बेच ही रही हैं साथ ही साथ लगभग उस प्रत्‍येक फ़ार्मेट में भी उपलब्‍ध करवा रही हैं जि‍स भी फ़ार्मेट में ग्राहक उन्‍हें चाहता है.
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-काजल कुमार

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