Saturday, March 7, 2009

अब दूसरे सौरमंडल के ग्रह ढूंढने के बारी है


हब्बल दूरबीन के बारे में तो आप सबने सुना ही है. अब बारी है नासा की नई दूरबीन केप्लर की. केप्लर अभी तक की सबसे बड़ी दूरबीन है. केप्लर को लेकर अन्तरिक्ष में जाने वाला उपग्रह यान आज शाम अमेरिका के फ्लोरिडा से उड़ान भरेगा.

यह यान हमारे सौरमंडल से बाहर, पृथ्वी के आकर वाले ग्रहों को देख पाने की क्षमता वाली दूरबीन केप्लर ले कर जा रहा है. अगले ३.५ वर्ष तक यह यान आकाशगंगा में दूसरे ग्रहों की खोज करेगा. केप्लर को हब्बल की तरह नियमित चित्र भेजने के लिए नहीं बनाया गया है. लेकिन इसमें क्षमता है की यह तापमान में मामूली परिवर्तन को भी दर्ज़ कर सकता है. केप्लर का उद्देश्य ऐसे ग्रहों के बारे में जानकारी जुटाना है जो अपने सूर्यों से न तो बहुत दूर हों और न ही बहुत पास. इस से उन ग्रहों पर द्रव्य मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं. अधिक जानकारी के लिए आप यहीं क्लिक्क कर सकते हैं नासा टीवी.

Friday, March 6, 2009

चेहरा पहचानने वाला सॉफ्टवेअर आ गया है


इंग्लॅण्ड के City of Ely कम्युनिटी कॉलेज में, पहली बार, प्रयोग के रूप में एक नया सॉफ्टवेअर संचालित किया जा रहा है. इसके द्वारा कॉलेज प्रशासन यह देखने की कोशिश कर रहा है कि क्या ये सॉफ्टवेअर चेहरों को पहचानने में सक्षम हो पायेगा ? यह सॉफ्टवेअर औरोरा कम्पनी ने बनाया है.

हालाँकि कॉलेज प्रशासन का कहना है कि वे ये देखना चाहेंगे कि किसी आपातकालीन स्थिति में क्या यह सॉफ्टवेअर इस बात का पता चला पायेगा कि सभी लोग एक सुरक्षित जगह पर इक्कठा हुए हैं या नहीं. जबकि दूसरों का कहना है कि प्रशासन की मंशा कुछ और ही है...यूँ भी कौन चाहेगा कि समय से पहले पहुँच कर किसी मशीन को शक्ल दिखाओ और उम्मीद करो कि वह उन्हें पहचान लेगी. इस बात पर भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि इन मशीनों से प्रबंधक वाकई वही देखना चाहते हैं जो वे कह रहे हैं, यो वो देखना चाहते हैं जिसे वह कहना नहीं चाहते.

क्या आपको अपनी साईट/ ब्लॉग की रैंकिंग पता है.


क्या आप जानते हैं कि 'अलेक्सा' पर जाकर आप अपने ब्लॉग या अपनी वेब साईट के बारे में यह जान सकते हैं कि इसकी ट्रैफिक वर्ल्ड रैंकिंग क्या है. तरीका बिल्कुल सीधा-सादा है.

इस साईट पर जाइये - http://www.alexa.com , पेज के दायीं ओर "साईट इन्फो" के नीचे बने स्थान पर अपनी साईट/ ब्लॉग का पूरा पता टाइप करें (जैसे : -http://sahibaat.blogspot.com ) , बस. कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, कोई इ-मेल बाज़ी नहीं, हाथ के हाथ रिजल्ट. कुछ ही सेकेण्ड में आपके सामने होगी आपके साईट/ ब्लॉग की वर्ल्ड रैंकिंग. ग्राफ के माध्यम से रीच, ट्रैफिक और पेज-व्यू का विस्तृत लेखा जोखा तो यह साईट देती ही है. आपको यह भी बताती है कि आपकी अपनी साईट/ ब्लॉग कितने पानी में हैं.

वेब दुनिया की अधिकाँश विज्ञापन दाता कंपनियां अलेक्सा के परिणामों को तरजीह देती हैं.

कर्मचारियों की इ-मेल पर नज़र रखी जा सकेगी




फिनलैंड
की संसद ने एक ऐसा कानून पास किया है जिसके चलते नियोक्ताओं को यह अधिकार होगा कि वे अपने कर्मचारियों के इ-मेल के बारे में जान सकें यद्यपि इ-मेल के पढ़ने पर रोक है. यह प्रस्ताव अभी राज्याध्यक्ष की अनुमति के लिए लंबित है.

इस अधिनियम के अनुसार, नियोक्ताओं को ये अधिकार होगा की वे भेजने वाले, पाने वाले, इ-मेल भेजने का समय और दिनांक का ब्योरा रख सकेंगे. उन्हें ये अधिकार भी दिया गया है कि वे देख सकें कि क्या इ-मेल के साथ कोई अटेचमेंट भी भेजा जा रहा है? यदि शक हो तो पुलिस को सूचना देने का अधिकार भी नियोक्ता को दिया गया है. अभी यह निश्चित नहीं है कि ये अधिनियम किस तारीख़ से लागू होगा. इस अधिनियम पर बहस के दौरान संसद के बाहर लोगों ने प्रदर्शन भी किया.

हालाँकि नियोक्ताओं के प्रतिनिधियों ने ये कहकर इसका समर्थन किया है कि इससे औद्योगिक जासूसी पर रोक लगेगी लेकिन इसके विरोधियों का मानना है कि यह अधिनियम व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है. नोकिया फोन के निर्माताओं को इस अधिनियम का घोर समर्थक माना जा रहा है जबकि नोकिया ने इससे इन्कार किया है.

भारत में इस तरह की बंदिश अभी केवल सार्वजानिक साइबर कैफे के सन्दर्भ में ही देखी गयी है.

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