Sunday, December 4, 2011

लो अब पढ़ने से भी पीछा छूटा



मोबाइल फ़ोन के जहां अपने फ़ायदे हैं वहीं इसकी अपनी कुछ सीमाएं भी हैं. मोबाइल आज संगीत सुनने के साथ-साथ पढ़ने के माध्यम के रूप में ही बहुत तेज़ी से उभर रहा है. लेकिन, पढ़ने के लिए यह अभी बहुत अच्छा साधन नहीं माना जा रहा क्योंकि एक तो इसके स्क्रीन-साइज़ की अपनी सीमाएं हैं तो दूसरी ओर चलते-फिरते इस पर कुछ भी पढ़ पाना आसान काम नहीं है.

“कूल-रीडर” विंडोज़, लीनक्स व एंड्रायड तीनों ही प्लेटफ़ार्म पर चलने वाला एक ओपन सोर्स सोफ़्टवेयर है जो साइज़ में ही छोटा नहीं है बल्कि अभी तक मेरे प्रयोग किए गए सभी प्रोग्रामों में सबसे बढ़िया है.

epub (non-DRM), fb2, txt, rtf, html, chm, tcr, doc, pdb जैसे कई फ़ार्मेट को ये पढ़ कर सुना सकता है. आपको बस करना ये है कि जो फ़ाइल आप इसके द्बारा पढ़वाना चाहते हैं उसे उपरोक्त किसी भी फ़ार्मेट में डाउनलोड या कन्वर्ट कर इसे पढ़ने के काम पर लगा दें. फिर आप चाहे उसे मोबाइल के स्पीकर पर सुनें या हैडफ़ोन से, यह आपकी सुविधा है.

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6 comments:

प्रवीण पाण्डेय December 4, 2011 8:37 PM  

हिन्दी पढ़ेगा?

डॉ॰ मोनिका शर्मा December 5, 2011 6:09 AM  

Yeh Badhiya hai...

काजल कुमार Kajal Kumar December 5, 2011 6:52 AM  

प्रवीण जी अभी इसे हिन्दी सिखानी पड़ेगी हो सकता है उसके बाद पढ़ने लगे :)

Ratan Singh Shekhawat December 5, 2011 7:57 AM  

बढ़िया जुगाड है :)

Gyan Darpan
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संतोष त्रिवेदी December 5, 2011 8:35 AM  

'प्रेसरीडर'नाम का अनुप्रयोग मेरे पास गलेक्सी एस में है पर वह इंग्लिश समाचार पत्र पढता है और पैसे भी मांगता है !

इसे भी देखता हूँ !

Monika Jain "मिष्ठी" January 14, 2012 5:20 PM  

upyogi jankari..thnx
मिश्री की डली ज़िंदगी हो चली

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