Tuesday, September 10, 2013

एक और धांसू एंड्रॉयड एप्प


यदि‍ आप एंड्रॉयड या iOS स्‍मार्टफ़ोन प्रयोग कर रहे हैं तो आपके लि‍ए एक अच्छी ख़बर है कि‍ आप अपने मोबाइल से दूसरे मोबाइल पर दुनि‍या भर में (भारत के भीतर भी) कहीं भी मुफ़्त कॉल कर सकते हैं बस शर्त दो हैं. पहली यह कि‍ दोनों मोबाइल में ‘लाइन’ एप्‍प / सॉफ़्टवेयर हो और दूसरी यह, कि‍ दोनों व्‍यक्‍ति‍ उसी समय वाई-फ़ाई पर हो, डेटा-कार्ड कनेक्‍टि‍वि‍टी भी चलेगी.

इससे आप ‘व्‍हाट्सअप’ की ही तरह मुफ़्त फ़ोटो/वीडि‍यो भी भेज सकते हैं. चैट कर सकते हैं, SMS/इमेल भेज सकते हैं और इसी तरह की कई दूसरी सुवि‍धाएं भी इसमें हैं. यदि‍ दूसरे सि‍रे वाला व्‍यक्‍ति इंटरनेट कनेक्‍टि‍वि‍टी पर नहीं है, तो जब भी वह अपने फ़ोन को इंटरनेट से कनेक्‍ट करेगा तो आपके द्वारा भेजे गए SMS/फ़ोटो उसे बाद में भी मि‍ल जाएंगे यानि‍ इसके लि‍ए दोनों को एक ही समय पर ऑनलाइन होना ज़रूरी नहीं है. इससे, कम्‍प्‍यूटर से मोबाइल (PC to Mobile) पर भी बात की जा सकती है.

‘लाइन’ और ‘व्‍हाट्सअप’ में सबसे बड़ा अंतर यह है कि‍ यह कंपनी, एंड्रॉयड फ़ोन धारकों से यह एक साल बाद भी कोई फ़ीस नहीं मांगती, जबकि‍ ‘’व्‍हाट्सअप’’ केवल पहले साल ही मुफ़्त है.

कंपनी मूलत: जापान की है और इसका कहना है कि‍ दुनि‍या के सभी देशों में 24 करोड़ से अधि‍क लोग इसका प्रयोग कर रहे हैं. इसकी अधि‍कारि‍क वेबसाइट यहां है.
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Tuesday, August 20, 2013

आधार कार्ड - क्‍या आप ये जानते थे


आधार कार्ड के बारे में बहुत सी भ्रांति‍यां हैं इसलि‍ए ज़रूरी है कि‍ इसके बारे में कुछ बातें जान ली जाएं. 

1.  आधार कार्ड न तो राष्‍ट्रीयता प्रमाण पत्र है न ही कि‍सी प्रकार का  ‘हर उद्देश्‍य के लि‍ए’ पहचान पत्र. इसकी भूमिका इतनी भर है कि‍ यह धारक के बायोमेट्रि‍क्‍स ऑनलाइन सत्‍यापि‍त करता है. आधार कार्ड की वि‍शेषता, धारक के बारे में कार्ड पर छपी सूचनाओं का UIDAI से (ऑनलाइन) केवल सत्‍यापन करना ही नहीं अपि‍तु धारक के बायोमेट्रि‍क्‍स सत्‍यापि‍त करना भी है. इसी कारण, नकली आधार कार्ड की समस्‍या नहीं रहती क्‍योंकि‍ कोई भी नकली आधार कार्ड तो बना सकता है पर इस प्रकार के नकली कार्ड का सत्‍यापन UIDAI के डेटाबेस से नहीं करवा सकता. UIDAI के डेटाबेस में भी बदलाव कर दि‍या जाए तो बात अलग है, लेकि‍न लगता नहीं कि‍ वि‍भि‍न्‍न प्रकार की सुरक्षा व्‍यवस्‍थाओं के चलते यह इतना आसान होगा.

2. UIDAI ने कभी नहीं कहा कि‍ आधार कार्ड का प्रयोग फलां-फलां परि‍स्‍थति‍यों में अवश्‍य करना है या, आधार कार्ड प्रत्‍येक पहचान पत्र का स्‍थानापन्‍न है. यह आधार कार्ड के प्रयोक्‍ताओं पर छोड़ दि‍या गया है कि‍ वे इसका प्रयोग/उपयोग अपने कि‍स उद्देश्‍य के लि‍ए करते हैं. यह बात अलग है कि‍ वि‍भि‍न्‍न लोग इसे अपने-अपने अर्थों में समझ कर इसका प्रयोग करने लग गए हैं. चाकू से शल्‍यचि‍कि‍त्‍सा भी की जा सकती है, और हत्‍या भी. इसके लि‍ए चाकू बनाने वाले की वाहवाही करना या उसे दोष देना कहां तक उचि‍त है.

3. पर हालत ये है कि‍ न तो इसके प्रयोक्‍ताओं के पास बायोमेट्रि‍क्‍स रीडर हैं, न ही कनेक्‍टि‍वि‍टी और न ही आधार डेटाबेस से सत्‍यापन के बाद अपना डेटाबेस बनाने की फ़ुर्सत और सारा दोष UIDAI के मत्‍थे. यह परि‍योजना अभी पूरी तरह से लागू भी नहीं हुई है इसलि‍ए पूरी सामर्थ्य इसके पूरी तरह लागू होने के बाद ही सामने आएगी. 

4. हमें आदत रही है बस काग़जों पर भरोसा करने की इसलि‍ए आधार कार्ड को हर दूसरे पहचान पत्र / पहचान दस्‍तावेज़ का स्‍थानापन्‍न मान लेने पर उतारू हैं हम. और यह हम बि‍ना यह समझे कर रहे हैं कि‍ वास्‍तव में आधार कार्ड की अवधारणा क्‍या है और इसका उद्देश्‍य क्‍या है.

5. आधार कार्ड बनाए जाने को पूरी तरह फ़्रेंचाइज़ि‍ओं के भरोसे छोड़ देना नि‍श्‍चय ही ठीक नि‍र्णय नहीं कहा जा सकता, इस पर ढंग से काम कि‍या जाना चाहि‍ए था. यूआईडीएआई को इस दि‍शा में कड़ी मेहनत करने की आवश्‍यकता थी कि‍ ग़लत जानकारि‍यां शामि‍ल न की जातीं और कार्ड त्रुटि‍रहि‍त ही न होते अपि‍तु इसे सुनिश्चित करने के लि‍ए एक सुघड़ व सुदृढ़ व्‍यवस्‍था भी होती. कि‍न्‍तु आज यह प्रक्रि‍या भी वोटर-कार्ड जारी करने जैसी ही लचर बन कर रह गई है.
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Monday, July 29, 2013

मोबाइल फ़ोन के नंबर यूं संभालि‍ए


मोबाइल फ़ोन में नए नंबर धीरे-धीरे साल दर साल जमा होते रहते हैं. इनमें से कुछ नंबर फ़ोन की मेमोरी में जमा होते रहते हैं और कुछ फ़ोन के सि‍म कार्ड में, और आजकल तो फ़ोन आपको फ़ोन के माइक्रो एस.डी. कार्ड में भी नंबर रखने की सुवि‍धा देते हैं. फोन नंबर पहले हाथ से लि‍खी जाने वाली टेलीफ़ोन डायरि‍यों में लि‍खे जाते थे पर शायद ही आज कोई ऐसा करता हो. हम मोबाइल फ़ोन पर अधि‍क से अधि‍क नि‍र्भर होते जा रहे हैं. ऐसे में यदि‍ मोबाइल फ़ोन खो जाए या उसके फ़ोन नंबर कि‍सी एक हि‍स्‍से से या तीनों हि‍स्‍सों से, कि‍सी भी कारण से, मि‍ट जाएं तो समझ नहीं आता कि‍ पुराने नंबर पाने के लि‍ए क्‍या कि‍या जाए. व्‍यक्‍ति‍ अपने आप को एक दम कटा कटा सा अनुभव करता है.
ऐसे में, अगर आपके पास एक ऐसी सुवि‍धा मुफ़त उपलब्‍ध हो कि‍ आपके फ़ोन नंबर, मोबाइल में लि‍खते समय अपने आप कहीं और भी लि‍खे जाते रहें, जि‍न्हें आप जब चाहें डाउनलोड कर सकें, तो इससे बढ़ि‍या बात और क्‍या हो सकती है. गूगल मेल (‘जीमेल’) में यह सुवि‍धा वि‍शेष रूप से उपलब्‍ध है कि‍ आप अपने मोबाइल फ़ोन नंबर का बैकअप वहां रख सकें, यदि‍ आप यह सुवि‍धा चाहते हैं तो नि‍श्‍चय ही आपका ‘जीमेल’ पर खाता होना आवश्‍यक है जो आप नि‍:शुल्‍क खोल सकते हैं. 

वर्तमान फ़ोन नंबरों का बैकअप जीमेल पर रखने से आपको शुरूआत करनी होगी, जि‍सके लि‍ए आपको सबसे पहले अपने मोबाइल से, वर्तमान फ़ोन नंबरों का बैकअप लेना होगा. बैकअप लेने की यह सुवि‍धा अब लगभग हर फ़ोन में होती है. बैकअप के रूप में बनी फाइल का फ़ार्मेट आमतौर से CSV या vCard होता है. यदि‍ आपके फ़ोन में यह सुवि‍धा नहीं भी है तो आप किसी अन्‍य साफ़्टवेयर कर मदद से आप फ़ोन नंबरों की CSV या vCard फ़ॉर्मेट में एक फ़ाइल बना लें.  बैकअप फ़ाइल को कंप्‍यूटर पर स्‍थानांतरि‍त कर लीजीए.  

उसके बाद आप अपने जीमेल खाते में जाएं और नीचे दि‍खाए गए चि‍त्र-1 के अनुसार, बायीं ओर सबसे ऊपर ‘जीमेल’ (Gmail) शब्‍द के आगे दि‍खाई दे रहे त्रि‍कोण जैसे ड्रॉप डाउन मीनू को क्‍लि‍क करें. इसके बाद जो मीनू आएगा उसमें से आप ड्रॉप डाउन मीनू से ‘कांटेक्‍ट्स’ (Contacts) शब्‍द क्‍लि‍क कीजि‍ए.

 चि‍त्र-1

 
अब आपको नीचे के चि‍त्र-2 में, दायीं ओर खाली कांटेक्‍ट लि‍स्‍ट दि‍खाई देगी. 
चि‍त्र-2


अब आप चि‍त्र-3 के अनुसार ‘मोर’ (More) पर दि‍खने वाला ड्रॉप डाउन मीनू दबाएंगे तो आपको ‘आयात’ (Import) व ‘नि‍र्यात’ (Export) के वि‍कल्‍प दि‍खाई देंगे. इनमें  से ‘आयात’ (Import) बटन दबाकर आप बैकअप फ़ाइल अपने जीमेल खाते में अपलोड कर सकते हैं. सारे नंबर आपके जीमेल खाते में आ जाएंगे. इन नंबरों को आप बाद में ‘नि‍र्यात’ (Export) बटन दबाकर CSV या vCard फ़ॉर्मेट की एक फ़ाइल में बदल पाएंगे. इसी फ़ाइल को आप अपने मोबाइल में स्‍थानांतरि‍त कर, फ़ोन नंबर पुनर्स्‍थापि‍त कर सकते हैं. जीमेल खाते में इसके बाद आप कंप्‍यूटर पर सीधे ही, नंबर जोड़-घटा/संशोधि‍त भी कर सकते हैं. डुप्‍लीकेट नंबर एक दूसरे में वि‍लीन (merge) भी कर सकते हैं.

 चि‍त्र-3


इसके अति‍रि‍क्‍त, यदि‍ आप चाहते हैं तो फ़ोन में जोड़े जाने वाले नंबर मोबाइल में लि‍खते समय अपने-आप आपके जीमेल खाते के बैकअप में भी जुड़ते रहें तो आपको बस इतना करना होगा कि‍ आप अपने फ़ोन की सेटिंग्‍स से Sync (sync शब्‍द अंग्रेज़ी के synchronize का छोटा रूप है, जि‍से हिंदी में समकालन या समक्रमण प्रक्रि‍या के नाम से पुकारा जाता है) वि‍कल्‍प में जाएं और जीमेल में बनाए गए इमेल खाते को फ़ोन से Sync कर लें, ऐसा करने से आप अपने जीमेल खाते को मोबाइल पर ही प्रयोग कर मेल भेज सकेंगे और मेल देख सकेंगे. एक बार आपका खाता आपके मोबाइल से Sync हो जाने पर, आप जब भी कोई नया मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में जोड़ना चाहेंगे तो आपसे यह एक वि‍कल्‍प और पूछेगा कि‍ क्‍या आप अपने मोबाइल नंबर को इमेल में Save करना चाहते हैं ? हां, कहने पर यह फ़ोन नंबर , ऊपर बताए गए, आपके जीमेल खाते में वहीं जा जुड़ेगा जहां आपने अपने फ़ोन के बाक़ी नंबरों का बैकअप रखा था. 

आपने कई बार नोट कि‍या होगा कि‍ एक ही फ़ोन नंबर, आपके मोबाइल में कई बार दि‍खाई देता है जबकि‍ आपने वह नंबर केबल एक ही बार  लि‍खा था. ऐसा इसलि‍ए होता है क्‍योंकि‍ वह फ़ोन नंबर यदि‍ चार जगह यानि‍ फोन में, सि‍म कार्ड, माइक्रो एस.डी. कार्ड और इमेल खाते में है और आपने ‘सभी नंबर दि‍खाएं’ (show all) वि‍कल्‍प चुना है तो आपको वह नंबर चार बार दि‍खाई देगा. इसलि‍ए आपको चाहि‍ए कि‍ आप अपने मोबाइल नंबर एक ही जगह save करें और केवल उन्‍हें ही दि‍खाने का वि‍कल्‍प चुनें. 

इसी प्रकार, हो सकता है कि‍ जो नंबार आपने इमेल में अभी जोड़ा है वह आपको मोबाइल में तत्‍काल दि‍खाई न दे. ऐसा इसलि‍ए होता है क्‍योंकि‍ आपका जोड़ा हुआ नंबर अभी आपके इमेल खाते में स्‍थानांतरि‍त नहीं हुआ है, जोड़े गए नंबर को मोबाइल फोन से इमेल में स्‍थानांतरि‍त करने के लि‍ए आपको मोबाइल, अपने इमेल खाते से  Sync करना होगा. ऐसा करने से आपके द्वारा नया जोड़ा गया नंबर जा कर इमेल खाते में जुड़ जाएगा और दूसरे नंबरों के साथ-साथ अब यह नया नंबर भी आपके मोबाइल फ़ोन पर दि‍खाई देने लगेगा. ठीक इसी तरह, यदि‍ आपने कोई नंबर सीधे अपने इमेल खाते में  जोड़ा है तो वह भी आपको तब तक अपने मोबाइल पर दि‍खा ई नहीं देगा जब तक आप अपने मोबाइल और इमेल खाते को आपस में Sync नहीं कर लेते.  मुझे नहीं लगता कि‍ आपको यह बताने की आवश्‍यकता है कि‍ मोबाइल और इमेल खाते को आपस में Sync करने के लि‍ए मोबाइल पर इंटरनेट की सुवि‍धा की आवश्‍यकता होगी. 
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Wednesday, June 19, 2013

एंड्रॉयड के पुराने वर्ज़न में हिंदी यूं पढ़ि‍ए/ लि‍खि‍ए


अभी भी बहुत से लोगों के पास, ऐसे मोबाइल और टैबलेट हैं जि‍नमें एंड्रॉयड का पुराना संस्‍करण फ़्रोयो (2.2 Froyo) है. अभी तक इन हैंडसेट में हिंदी नहीं लि‍खी जा सकती थी. लेकि‍न अब आप यह समस्‍या स्‍वयं हल कर सकते हैं. बस आपको अंग्रेज़ी दिखाने वाले कीबोर्ड से रोमन में लि‍खना होगा, ठीक वैसे ही जैसे हिंदी फ़ि‍ल्‍में के नाम हमें पोस्‍टरों पर अंग्रेज़ी में लि‍खे मि‍लते हैं.
यद्यपि‍ पहले, हिंदी पढ़ने के लि‍ए ‘ऑपेरा’ ब्राउज़र से काम चल जाता था लेकि‍न इसमें हिंदी, बि‍टमैप यानि‍ चि‍त्रों के रूप में प्रस्‍तुत होती थी जि‍सके कारण यह प्रक्रि‍या धीमी तो थी ही, इससे शब्‍द कॉपी भी नहीं कि‍ए जा सकते थे. बाद में, श्रीलंका की एक कंपनी ने ‘सैट’ (SETT) नामक ब्राउज़र नि‍काला पर यह धीमा और बहुत स्‍थान घेरने वाला सॉफ़्टवेयर रहा. 

अब ‘पीकॉक ब्राउज़र‘ (Peacock Browser) गूगल प्‍ले स्‍टोर पर उपलब्‍ध है, इसे डॉउनलोड कीजि‍ए. इस ब्राउज़र में आप हिंदी और अन्‍य भारतीय भाषाओं की बेवसाइट पढ़ सकते हैं. इसके अति‍रि‍क्‍त आपको हिंदी में लि‍खने के लि‍ए ‘गूगल हिंदी इनपुट’ (Google Hindi Input) कीबोर्ड भी डॉउनलोड करना होगा. 

क्‍योंकि‍ आपका हैंडसेट हिंदी समर्थि‍त नहीं है इसलि‍ए आपको अभी भी हिंदी शब्‍दों की जगह चौकोर डि‍ब्‍बि‍यां ही दि‍खाई देंगी जैसा कि‍ स्नैपशॉट में संख्‍या 1 व 3 पर दि‍खाया गया है. लेकि‍न अंग्रेज़ी के शब्‍द लि‍खते समय वे शब्‍द जहां एक ओर आपको अंग्रेज़ी (संख्‍या 2) में तो दि‍खेंगे ही, वहीं दूसरी ओर हिंदी (संख्‍या 4) में भी दि‍खाई देंगे. जि‍न्‍हें देखते हुए आप आराम से टाइप कर सकते हैं.
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